What to do to protect yourself from smog in HindiWhat to do to protect yourself from smog in Hindi

स्मॉग से खुद को बचाने के लिए क्या करें और क्या न करें, आसान उपाय देश की राष्ट्रीय राजधानी और नोएडा और गाजियाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर के ‘गंभीर’ होने के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने
की सलाह दी है ।


दरअसल दिवाली के बाद से ही दिल्ली घने कोहरे की परत से ढकी हुई है। पिछले कुछ दिनों में जहां मामूली सुधार देखा गया वहीं गंभीर प्रदूषण के हालात फिर से लौट आए हैं।


स्मॉग एक प्रकार का तीव्र वायु प्रदूषण युक्त धुआं है। यह न केवल दृश्यता को कम करता है बल्कि किसी के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।


प्रदूषक नाक के मार्ग में सूजन पैदा करते हैं जिससे विभिन्न श्वसन संक्रमण और स्थितियां हो सकती हैं। कोई भी जो पहले से ही अस्थमा, सीओपीडी आदि जैसी सांस की बीमारियों की दवा ले रहा है, उसे ऐसी स्थितियों में अधिक परेशानी हो सकता है। सांस लेने में कठिनाई सहित स्वास्थ्य बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा की तलाश करें।


लोगों से स्मॉग के प्रति सचेत रहने और निवारक उपाय करने का आग्रह करते हुए।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हाल ही में “क्या करें और क्या न करें” की एक सूची साझा की, जिनका पालन करने की आवश्यकता है।


क्या करे


● शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं।
● विटामिन सी, मैग्नीशियम और ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर फलों के नियमित सेवन से
आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।
● घरों और दफ्तरों में कुछ वायु शुद्ध करने वाले पौधे जैसे तुलसी, मनी प्लांट आदि रखें।

● नेजल फिल्टर या एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें।
क्या न करें
● कचरा न जलाएं और न ही अपने आस-पड़ोस में किसी को भी ऐसा करने दें।
● वायु प्रदूषण या स्मॉग का स्तर अधिक होने पर बाहर न निकलें या बाहरी गतिविधियों में
शामिल न हों

जैसा कि मालूम है अभी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) एक लिस्ट जारी की गई है। यह एक्यूआई के बढ़ते स्तर से जुड़ी है। इसमे लोगो को जागरूक करने के मकसद से बताया गया है कि लोग क्या करें और क्या न करे।


जब पीएम 2.5 स्तर (2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले अल्ट्राफाइन पार्टिकुलेट मैटर) के साथ प्रदूषण की ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी में 6μg/m3 और 120μg/m3 के बीच या PM10 स्तर (10 माइक्रोन से छोटे कण) के बीच हों माइक्रोमीटर) 101-350μg/m3 की सीमा में हैं।


● लोगों को अपने वाहनों के इंजनों को ठीक से ट्यून रखना चाहिए।
● टायरों में उचित वायु दाब बनाए रखना चाहिए, नवीनतम प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र
रखना चाहिए, लाल बत्ती पर इंजन बंद करना चाहिए, और खुले स्थानों में कचरा नहीं
डालना चाहिए।
● कोविड टीका जरूर लगाएं
● सरकार सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करती है। इसका पालन करे
● जब भी संभव हो, घर से काम करना, निर्माण गतिविधियों से बचना, और वाहनों के एयर
फिल्टर को बदलते रहे।
● जब प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में होता है – पीएम 2.5 का स्तर 121-250μg / m3 की
सीमा में या पीएम 10 का स्तर 351-430μg/m3 के बीच है। इसे में एयर फिल्टर लगाए।

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By Kumar

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